वरुण के एक भाषण पर काफी बवाल मचा .लोगों ने काफी निंदा की तो कुछ लोगों ने सराहा भी. कुछ समझदार ओर तथाकथित राजनितिक ठेकेदार जैसे लोगो को वरुण की बत्तें नागवार गुजरी .उन्हें लगा की यह हमारे धर्मनिरपेक्ष छवि पर हमला है. लेकिन इस एपिसोड में एक बात छुट गई...आख़िर धर्मनिरपेक्षता का मतलब क्या है.आखिर वरुण ने ऐसा क्या बोल दिया कि इतना हो हंगामा हो रहा है.मायावती ने रासुका लगा दिया,लालू जी रोलर चडाने कि बात कर रहे है.आख़िर क्यों....|वरुण ने तो यही कहा कि कोई एक थप्पर मरेगा तो हम दूसरा गाल मर खाने के लिए आगे नही बढाएंगे.क्या ग़लत बोला .....सिर्फ़ गाँधी जी ने ऐसा कहा है इसी लिए हम इस बात को सही मानते रहे.गाँधी जी ने जब कहा था तब कुछ ओर परिस्थिति थी.आज ५० साल बाद भी उसी बात को माने क्यों ..............|वरुण ने कहा कि हिन्दुओं कि ओर जो हाथ बढेगा उसे काट देंगे.क्या ग़लत कहा................|और भी तो नेता है जो मुसलमानों कि हितो कि बात करते है.मायावती,लालू,नीतिश,मुलायम और कांग्रेस सभी मुसलमानो के हितो कि बात करते है.इसमे कुछ भी ग़लत नही है.लेकिन अगर वरुण या नरेन्द्र मोदी हिंदू हितो कि बात करे रो यह गुनाह है,ऐसी बातें से हमारे देश कि धर्मनिरपेक्ष छवि को धक्का लगता है.क्या बकवास है?गोधरा काण्ड में क्या सिर्फ़ मुस्लिम मरे थे?८४ के दंगा में सिर्फ़ सिख मरे थे?८९ के भागलपुर के दंगा में सिर्फ़ मुस्लिम मरे थे?
८९ के दंगे कि आग को मैंने भी काफी करीब से महसूस किया है.अब सब कुछ सामान्य हो गया था मगर नीतिश ने मुस्लिम वोट के लालच में मामले को दुबारा खोला और कुछ हिन्दुओं को चुनाव से पहले सज़ा करवाकर मुस्लिम वोटर को अपनी और करने कि कोशिश कि.अब जबकि दोनों ही कौम शान्ति भरे माहौल में रहने लगे थे तो फिर से गरे मुर्दे को उखारकर नीतिश ख़ुद को मुस्लिम हितैषी सवित करना चाह रहे है.शायद येही धर्मनिरपेक्षता है।येही कम पहले लालू और मुलायम कर चुके है।
एक और सवाल मेरे जेहन में आ रहा है.अगर वरुण अपनी माँ के धर्म को मानता रहता तो क्या फिर भी उसके भाषण पर इतना बवाल होता?शायद नही.मतलब वरुण कि येही गलती है कि वोह हिंदू है.वाकई हिंदू होना गुनाह है?
ऐसा नही है कि वरुण या मोदी हिंदू के लिए अपनी जान दे देंगे.वरुण और मोदी भी कांग्रेस,लालू मुलायम,मायावती और नीतिश के तरह नौटंकी कर रहे .इन सभी ही लोगो का मकसद तो एक ही है,अपनी राजनितिक दूकान को चलाना...मगर एक बात तो सामने आ ही गई आख़िर धर्मनिरपेक्षता है क्या?
अगर आपको पता है तो मुझे भी बताना ................................
Saturday, April 11, 2009
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment